जयपुर के गणगौरी हॉस्पिटल में दुर्लभ सर्जरी सफल, फुटेज में जाने तीन घंटे चले जटिल ऑपरेशन से महिला को मिली नई जिंदगी
राजस्थान की राजधानी Jaipur के Gangauri Hospital में डॉक्टरों ने एक महिला की दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स से पीड़ित महिला का करीब तीन घंटे तक चला यह प्रोसीजर बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक साथ चार अलग-अलग ऑपरेशन किए गए।अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक तकनीक और सूक्ष्म चिकित्सा कौशल की मदद से इस कठिन सर्जरी को सफल बनाया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला लंबे समय से गंभीर परेशानी का सामना कर रही थी और बीमारी के कारण उसकी सामान्य जीवनशैली प्रभावित हो रही थी।
डॉक्टरों ने बताया कि ‘पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स’ महिलाओं में होने वाली एक गंभीर स्थिति है, जिसमें पेल्विस की मांसपेशियां और टिश्यू कमजोर हो जाते हैं। इसके कारण पेशाब की थैली, गर्भाशय और मलाशय जैसे अंग अपनी सामान्य स्थिति से नीचे खिसकने लगते हैं और कई मामलों में शरीर से बाहर तक लटकने लगते हैं। इससे मरीज को चलने-फिरने, बैठने और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है।विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की जटिल स्थिति में सर्जरी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि एक साथ कई अंगों को उनकी सामान्य स्थिति में स्थापित करना पड़ता है। महिला की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम बनाकर ऑपरेशन की योजना तैयार की थी।
करीब तीन घंटे चले ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का इस्तेमाल किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। महिला को पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी में रखा गया है और उसकी रिकवरी तेजी से हो रही है।चिकित्सकों ने बताया कि यह बीमारी आमतौर पर अधिक उम्र, बार-बार डिलीवरी, कमजोर पेल्विक मांसपेशियों या लंबे समय तक शारीरिक दबाव के कारण हो सकती है। हालांकि समय पर इलाज और सही सर्जरी से मरीज को सामान्य जीवन वापस मिल सकता है।
गणगौरी हॉस्पिटल की इस सफल सर्जरी को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता की बदौलत मरीज को नई जिंदगी मिल सकी है। विशेषज्ञों ने महिलाओं से अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की कोई समस्या महसूस हो तो बिना झिझक तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, क्योंकि शुरुआती इलाज से जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

