Samachar Nama
×

राजस्थान का टॉप-10 वांटेड MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई पकड़ा गया, वीडियो में देंखे नए खुलासे किए

a

राजस्थान के टॉप-10 वांटेड अपराधियों में शामिल MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई उर्फ अनिल उर्फ रामलाल (31), जो धोरीमन्ना, बाड़मेर का निवासी है, को एनटीएफ (ANTF) टीम ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान रमेश ने अपने अपराध के कई नए पहलुओं का खुलासा किया।

रमेश ने बताया कि वह MD ड्रग्स बनाने और फैक्ट्रियों के लिए जगह ढूंढने में गूगल का इस्तेमाल करता था। उसने छोटे कमरे किराए पर लेने की रणनीति अपनाई और मुख्यतः खाली इलाकों में 1.50 लाख रुपए प्रति महीने किराए पर जगह लेकर अपनी फैक्ट्रियों का संचालन करता था। इस तरह रमेश ने पश्चिमी राजस्थान में दर्जनभर से अधिक फैक्ट्रियों में MD ड्रग्स का उत्पादन कर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की।

रमेश ने दावा किया कि वह अपनी पत्नी से रोज बात करता है और उसका विश्वास था कि दुनिया की कोई एजेंसी उसे पकड़ नहीं सकती। वहीं, इस दौरान रमेश के यह खुलासे कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अहम सबूत भी साबित हो रहे हैं।

आईजी (ANTF) विकास कुमार ने बताया कि रमेश दिसंबर 2025 से कोलकाता में किराए के फ्लैट में रह रहा था। वहाँ उसने अपने आप को केमिकल बिजनेसमैन और केमिस्ट्री टीचर के रूप में पेश किया और अपने असली कारोबार को छुपाने की कोशिश की। रमेश कोलकाता में किसी बिजनेस को स्थापित करने के लिए लगातार नये-नये जुगाड़ में भी लगा हुआ था।

ANTF की टीम ने रमेश के खिलाफ लंबी और गहन छानबीन के बाद उसे पकड़ने में सफलता पाई। विकास कुमार ने बताया कि रमेश के पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनसे उसकी पूरी नेटवर्क और MD ड्रग्स उत्पादन और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, MD ड्रग्स की तस्करी और उत्पादन में शामिल लोग उच्च तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उनकी पहचान छुपी रहे। रमेश कुमार विश्नोई का मामला इस दिशा में गंभीर चेतावनी भी है। यह दिखाता है कि कैसे अपराधी गूगल मैप्स और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर छिपकर अपने गैरकानूनी कारोबार को चला रहे थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रमेश की गिरफ्तारी से राजस्थान और कोलकाता में MD ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा झटका लगा है। साथ ही रमेश के सहयोगियों और नेटवर्क को भी चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस गिरफ्तारी से MD ड्रग्स उत्पादन और तस्करी में शामिल अन्य अपराधियों के लिए संदेश गया है कि कानून-प्रवर्तन एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और तकनीकी जांच के जरिए अपराधियों का पता लगाया जा रहा है।

रमेश के खिलाफ अब एनटीएफ टीम के द्वारा विस्तृत केस दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया जाएगा। आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि उसने किन-किन शहरों और फैक्ट्रियों में MD ड्रग्स का उत्पादन और बिक्री की योजना बनाई थी।

Share this story

Tags