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हिरासत में मौतों के मामलों में राजस्थान टॉप राज्यों में शामिल, वीडियो में देंखे 5 साल में 51 मामले दर्ज

हिरासत में मौतों के मामलों में राजस्थान टॉप राज्यों में शामिल, वीडियो में देंखे 5 साल में 51 मामले दर्ज

संसद में दिए गए एक जवाब के अनुसार राजस्थान देश में हिरासत में मौतों के मामलों में टॉप पांच राज्यों में शामिल रहा है। वहीं वर्ष 2025-26 की अवधि में राजस्थान इस सूची में देश में दूसरे स्थान पर है। यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सांसदों के सवाल के जवाब में दी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 15 मार्च 2026 तक राजस्थान में हिरासत में मौतों के 18 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में बिहार में 19 मामले सामने आए, जिसके चलते बिहार पहले स्थान पर और राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा।

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021-22 से लेकर अब तक राजस्थान में कुल 51 हिरासत में मौतों के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य में कानून-व्यवस्था और हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संसद में बीएपी सांसद राजकुमार रोत सहित दो अन्य सांसदों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की गई। जवाब में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देशभर में हिरासत में हुई मौतों के मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिशों पर कार्रवाई बहुत सीमित रही है।

जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2021 से 15 मार्च 2026 के बीच केवल एक मामले में ही अनुशासनात्मक कार्रवाई दर्ज की गई है, जो तमिलनाडु से संबंधित है।

राजस्थान में पिछले पांच वर्षों के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न होने का तथ्य भी सामने आया है, जिससे निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आंकड़े पुलिस हिरासत और जेल प्रणाली में पारदर्शिता, मानवाधिकार संरक्षण और जवाबदेही को मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाबदेही और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर सकता है।

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