राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वीडियो में देंखे स्टेनोग्राफर भर्ती की मेरिट लिस्ट रद्द
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर और निजी सहायक ग्रेड-II भर्ती मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि चयन प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव करना गलत है और इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होती है।
यह फैसला जस्टिस आनंद शर्मा की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत ने दिनेश शर्मा समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और उसे नियमों के विपरीत पाया।
कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दी गई 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट को गैरकानूनी करार दिया। अदालत का कहना था कि इस प्रकार की छूट से मेरिट प्रणाली प्रभावित होती है और योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होता है।
इसके साथ ही कोर्ट ने 25 सितंबर 2025 को जारी प्रोविजनल मेरिट लिस्ट और 21 अक्टूबर 2025 की फाइनल मेरिट लिस्ट दोनों को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कर्मचारी चयन बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वह 45 दिनों के भीतर नई मेरिट सूची तैयार करे और उसे निर्धारित नियमों के अनुसार जारी करे।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि बिना किसी अतिरिक्त छूट के भी पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार उपलब्ध थे। इसके बावजूद नियमों में बदलाव कर कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिससे पूरी मेरिट लिस्ट की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि चयन के दौरान नियमों में मनमाने बदलाव किए जाते हैं, तो इससे अभ्यर्थियों का भरोसा टूटता है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
इस फैसले के बाद अब हजारों अभ्यर्थियों की नजर नई मेरिट लिस्ट पर टिकी हुई है। वहीं, कर्मचारी चयन बोर्ड के लिए यह निर्देश एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में सामने आया है, जिसमें उसे तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को दोबारा पारदर्शी तरीके से पूरा करना होगा।

