राजस्थान साइबर पुलिस का बड़ा खुलासा: चेयरमैन की WhatsApp DP लगाकर 5.30 करोड़ की ठगी, फुटेज में जाने पुणे से आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने कॉर्पोरेट कंपनियों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठगों ने एक नामी कंपनी के चेयरमैन की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो (DP) और नाम का दुरुपयोग कर कंपनी के अकाउंटेंट को अपने झांसे में लिया। आरोपी ने खुद को चेयरमैन बताकर अकाउंटेंट से संपर्क किया और दो अलग-अलग बैंक खातों में 5 करोड़ 30 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने पहले कंपनी के चेयरमैन की प्रोफाइल फोटो और अन्य सार्वजनिक जानकारी जुटाई। इसके बाद उसी फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक नया व्हाट्सएप नंबर बनाया और कंपनी के अकाउंटेंट से बातचीत शुरू की। बॉस का नाम और फोटो देखकर कर्मचारी को कोई संदेह नहीं हुआ और उसने निर्देशों के अनुसार करोड़ों रुपये बताए गए खातों में भेज दिए।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।
साइबर पुलिस की सलाह
साइबर क्राइम शाखा ने कंपनियों और आम लोगों को सलाह दी है कि किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले केवल व्हाट्सएप संदेश या कॉल पर भरोसा न करें। यदि वरिष्ठ अधिकारी के नाम से भुगतान का निर्देश मिले, तो दूसरे माध्यम से उसकी पुष्टि जरूर करें। इससे इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है।

