राजस्थान में पेपर लीक और RPSC भ्रष्टाचार मामलों में मुख्यमंत्री ने दी कड़ी कार्रवाई के निर्देश, बोले कोई भी क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व में हुए पेपर लीक और आरपीएससी (RPSC) भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ और तेज गति से की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और संबंधित विभागों ने मामले की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों को कहा गया है कि सभी आरोपी और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनुचित प्रथाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी संस्थाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे उसमें कोई कितना भी बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राजस्थान में भर्ती प्रणाली की साख और भरोसे को बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पहले हुए पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों ने आम उम्मीदवारों और जनता के बीच विश्वास में कमी पैदा की थी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि केवल जांच पूरी करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियंत्रण तंत्र भी स्थापित किया जाए।
इस निर्देश के बाद RPSC और अन्य संबंधित विभागों ने सूचना तकनीक और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का भी निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और लीकेज को रोका जा सके।
राजस्थान में यह कदम सरकार की सख्त नीति और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को दर्शाता है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा और सभी मामलों में न्याय संगत कार्रवाई की जाएगी।

