राजस्थान में खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा कानून, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सदन में घोषणा
राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली खेजड़ी के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार अब सख्त कानून बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि खेजड़ी वृक्षों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए विशेष कानून बनाया जाएगा। इसके लिए विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। यह वृक्ष मरुस्थलीय क्षेत्रों में हरियाली बनाए रखने के साथ पशुओं के चारे और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इसके संरक्षण के लिए कानूनी प्रावधान जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि कानून का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मसौदा तैयार होते ही इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खेजड़ी की अवैध कटाई पर रोक लगाना और इसके संरक्षण को कानूनी मजबूती देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तेजी से विकास कार्यों और अन्य कारणों से पेड़ों की कटाई हो रही है, जिससे पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। ऐसे में खेजड़ी जैसे पारंपरिक और उपयोगी वृक्षों को बचाना समय की मांग है। नए कानून के जरिए इसके संरक्षण के लिए सख्त प्रावधान किए जाएंगे।
सदन में इस घोषणा का कई विधायकों ने स्वागत किया। पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि यह कदम राज्य के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, खेजड़ी राजस्थान के मरुस्थल में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, भूजल संरक्षण और जैव विविधता के लिए बेहद अहम है। ऐसे में इसके लिए अलग कानून बनने से संरक्षण कार्यों को गति मिलेगी।
सरकार की इस पहल से प्रदेश में पर्यावरण संतुलन और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

