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राजस्थान में RGHS और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान में RGHS और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं और RGHS योजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने राज्य की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि जब प्रदेश की जनता स्वास्थ्य संकट से जूझ रही है, तब सरकार को जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है और केवल औपचारिकताओं एवं घोषणाओं तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और स्थिति अब “चरमराहट से आगे बढ़कर पतन” की ओर बढ़ चुकी है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर दवाओं की आपूर्ति बाधित हो रही है और मरीजों को इलाज में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से RGHS Scheme को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इस योजना का लाभ सही तरीके से आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन में कई स्तरों पर खामियां हैं, जिससे लाभार्थी परेशान हो रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार का ध्यान अन्य गतिविधियों में अधिक दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी समय में स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है, जबकि सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस पूरे विवाद ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या आधिकारिक जवाब देती है और जमीनी स्तर पर सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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