फर्जी लेटर मामले में राजनीतिक हलचल तेज, वीडियो में देंखे MP कांग्रेस आईटी सेल के 3 कार्यकर्ता हिरासत में
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़े एक फर्जी लेटर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम से वायरल हुए कथित फर्जी पत्र को पोस्ट करने के मामले में भोपाल पुलिस ने मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर उस फर्जी पत्र को साझा किया, जिससे मामला चर्चा में आया और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने हिरासत पर आपत्ति जताई है। हरीश चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं को इस तरह अवैध रूप से हिरासत में रखना निंदनीय है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास है और इससे सत्ता के दुरुपयोग की झलक मिलती है। वहीं, सांसद विवेक तन्खा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी लेटर किसने तैयार किया और सोशल मीडिया पर इसे फैलाने के पीछे क्या उद्देश्य था। अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठा रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

