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SMS अस्पताल में मरीजों की परेशानी बढ़ी, भर्ती–डिस्चार्ज प्रक्रिया बनी लंबी कतारों की वजह

SMS अस्पताल में मरीजों की परेशानी बढ़ी, भर्ती–डिस्चार्ज प्रक्रिया बनी लंबी कतारों की वजह

जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) में मरीजों और उनके परिजनों को भर्ती और डिस्चार्ज प्रक्रिया में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में बेड साइड रजिस्ट्रेशन और वार्ड में फोटो सुविधा शुरू नहीं होने के कारण लोगों को बार-बार काउंटरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था में मरीजों की एंट्री से लेकर डिस्चार्ज तक की प्रक्रिया पूरी तरह काउंटर आधारित है, जिससे भीड़भाड़ बढ़ रही है और समय भी अधिक लग रहा है। कई मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्हें घंटों लाइन में लगने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता और कई मामलों में डिस्चार्ज अगले दिन तक टल जाता है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर मरीजों के साथ आए लोगों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों और दूर-दराज से आए मरीजों के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन साबित हो रही है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नई डिजिटल सुविधाओं जैसे बेड साइड रजिस्ट्रेशन और वार्ड में फोटो अपलोड सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तकनीकी और व्यवस्था संबंधी कारणों से इसे अभी पूरी तरह शुरू नहीं किया जा सका है। प्रशासन का दावा है कि सिस्टम लागू होने के बाद मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सरकारी अस्पतालों में डिजिटल वर्कफ्लो लागू होने से न केवल भीड़ कम होती है, बल्कि मरीजों को समय पर सेवाएं भी मिलती हैं। उनका कहना है कि यदि इस तरह की सुविधाएं समय पर लागू नहीं होतीं, तो अस्पतालों पर दबाव और बढ़ सकता है।

वहीं, मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि डिस्चार्ज और भर्ती प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए ताकि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, अस्पताल में बढ़ती भीड़ और धीमी प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है। लोगों की नजर अब इस पर टिकी है कि नई डिजिटल व्यवस्था कब तक पूरी तरह लागू होकर राहत दे पाती है।

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