मुंबई-जयपुर फ्लाइट में यात्री ने पीने की कोशिश की सिगरेट, वीडियो में देखें हंगामे के बाद एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया
मुंबई से जयपुर आ रही एक घरेलू उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने विमान के अंदर सिगरेट जलाने की कोशिश की। क्रू मेंबर्स द्वारा रोके जाने पर यात्री ने न केवल हंगामा किया, बल्कि एक क्रू सदस्य के साथ दुर्व्यवहार करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। मामला मंगलवार सुबह का है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG 920 में हुई। फ्लाइट ने सुबह 9:30 बजे मुंबई से जयपुर के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद संबंधित यात्री ने विमान के अंदर सिगरेट जलाने का प्रयास किया। विमान के केबिन में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
क्रू मेंबर ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए यात्री को सिगरेट पीने से रोका। लेकिन समझाने के बावजूद यात्री ने सहयोग नहीं किया और बहस करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्री ने क्रू मेंबर के साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्द कहे, जिससे विमान में मौजूद अन्य यात्रियों के बीच भी असहज माहौल बन गया।
हालांकि, केबिन क्रू ने संयम और सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। विमान में मौजूद स्टाफ ने घटना की जानकारी तुरंत पायलट को दी। इसके बाद एयरलाइन प्रबंधन ने जयपुर एयरपोर्ट पर स्थानीय प्रशासन को सूचित कर दिया।
जैसे ही विमान जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोपी यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में ले लिया गया। बाद में क्रू मेंबर ने यात्री के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। विमानन नियमों के तहत उड़ान के दौरान धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है और इससे विमान की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
एयरलाइन सूत्रों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद फ्लाइट के अन्य यात्रियों को किसी तरह की शारीरिक क्षति नहीं हुई, लेकिन कुछ समय के लिए विमान में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान को भी खतरे में डाल सकती है।

