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जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा रद्द: नकल गिरोह का भंडाफोड़, फुटेज में देंखे 4 गिरफ्तार, सेंटर पर छात्रों का हंगामा और तोड़फोड़

उदयपुर शहर के 100 फीट रोड स्थित अशोका पैलेस के सामने दो बाइक सवार की मामूली टक्कर के बाद दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। बीच रोड पर कुछ देर तक खूब लात घूूंसे चले। आसपास जमा हुई भीड़ ने उनमें से एक बाइक सवार युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। झगड़े के कारण ट्रेफिक जाम के हालात बन गए। सूचना पर सुखेर थानाधिकारी भरत योगी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को रोड से खदेड़कर हटाया गया। पुलिस ने आरोपी अविनाश पुत्र वर्दीचंद डांगी को गिरफ्तार कर लिया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अविनाश डांगी शराब के नशे में था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने पहले जीत निमावत के साथ मारपीट की थी। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने अविनाश की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

राजधानी जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा के दौरान सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नकल कराने के संगठित रैकेट का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, झुंझुनूं के एक कॉलेज के 45 छात्रों को परीक्षा में नकल के जरिए पास कराने का सौदा करीब साढ़े 5 लाख रुपये में तय किया गया था।

मामला सामने आने के बाद जयपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकल गिरोह में शामिल दो कॉलेजों से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज का संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं।

जैसे ही परीक्षा में गड़बड़ी और नकल रैकेट की जानकारी छात्रों को मिली, मौके पर मौजूद अन्य परीक्षार्थियों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर नारेबाजी की और हंगामा शुरू कर दिया।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ छात्रों ने परिसर में कुर्सियां फेंक दीं और तोड़फोड़ भी की। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग पर अड़ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत की। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया।मामले के बढ़ते तनाव और अव्यवस्था को देखते हुए राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने बड़ा फैसला लेते हुए संबंधित परीक्षा केंद्र पर होने वाली परीक्षाओं को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।

पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नकल रैकेट की गहन जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने छात्रों को इसका लाभ देने की योजना थी।फिलहाल परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में असंतोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि प्रशासन मामले में सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है।

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