15 हजार के इनामी बदमाश पप्पू नाई ट्रैक्टर धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार, वीडियो में देखें भतीजी की शादी में पहुंचने पर दबोचा
ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त में लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में फरार चल रहे 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश पप्पू नाई को राजस्थान पुलिस की सीआईडी (क्राइम ब्रांच) ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पिछले करीब 8 साल से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। इस मामले की जानकारी देते हुए सीआईडी (सीबी) की एसपी ज्येष्ठा मैत्रयी ने बताया कि पप्पू नाई ने गिरफ्तारी से बचने के लिए यूपी के अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान छिपाई रखी थी।
एसपी मैत्रयी ने कहा कि आरोपी ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नाई की दुकानों में काम करना शुरू किया और साधारण जीवन जीकर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करता रहा। इसके चलते उसे पकड़ना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पप्पू नाई पर ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त में लाखों रुपए की ठगी का मामला दर्ज है। आरोपी ने व्यापारियों और ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाया और उसके बाद फरार हो गया। राजस्थान पुलिस ने कई सालों तक उसके ठिकानों की गहन जानकारी जुटाई और उत्तर प्रदेश में उसकी मौजूदगी के सबूत मिलने पर गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि आरोपी को राजस्थान लाकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी मैत्रयी ने बताया कि पप्पू नाई की गिरफ्तारी सीआईडी की सतत जांच और समन्वय का परिणाम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इनामी अपराधियों की पहचान छिपाने की तकनीक और साधारण जीवन जीने की रणनीति अक्सर पुलिस के लिए चुनौती बनती है। ऐसे मामलों में लंबी और धैर्यपूर्ण जांच के बाद भी सफलता मिलती है, जो पुलिस की तत्परता और पेशेवर कौशल को दर्शाती है।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि पप्पू नाई की गिरफ्तारी से ट्रैक्टर धोखाधड़ी जैसे अपराधों में अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कुल मिलाकर, 15 हजार के इनामी पप्पू नाई की बरसाना से गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस की सफलता को दर्शाती है। आरोपी के खिलाफ लंबित मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई अब आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि अपराधियों को न्याय के दायरे में लाया जा सके और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

