जयपुर में रियल एस्टेट का नया ट्रेंड: शहर से बाहर सस्ते प्लॉट पर बड़े घर और फार्महाउस का चलन बढ़ा
राजधानी जयपुर के रियल एस्टेट बाजार में नए ट्रेंड ने जगह बना ली है। शहर के भीतर फ्लैट या छोटे प्लॉट खरीदने की बजाय लोग शहर के बाहर सस्ती जमीन पर बड़े घर या फार्महाउस बनाना पसंद कर रहे हैं। इस बदलाव के कारण कई इलाकों में रियल एस्टेट का बूम देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर के भीतर संपत्ति की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। फ्लैट और छोटे प्लॉट की कीमतें कई परिवारों की पहुंच से बाहर हो गई हैं। वहीं, शहर से बाहर इलाके अब सस्ती कीमत पर बड़े प्लॉट उपलब्ध करवा रहे हैं, जिससे लोग अपनी पसंद का बड़ा घर या फार्महाउस बनवा रहे हैं।
जयपुर के टोंक रोड, चोपड़ा, भांडारिया, मंडावा रोड और सुमेलिया क्षेत्र जैसे इलाके इस ट्रेंड का मुख्य केंद्र बन गए हैं। इन क्षेत्रों में जमीन की कीमतें अभी भी शहर के भीतर के मुकाबले किफायती हैं और लोग यहां लक्ज़री विला, फार्महाउस और गार्डन हाउस बनाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
रियल एस्टेट डेवलपर्स का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। शहर के भीतर ट्रैफिक जाम, बढ़ती आबादी और उच्च संपत्ति मूल्य लोगों को शहर से बाहर संपत्ति लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही, वर्क फ्रॉम होम और परिवारिक जीवन को ध्यान में रखते हुए लोग बड़े घरों और खुली जगहों वाले फार्महाउस को प्राथमिकता दे रहे हैं।
एक डेवलपर ने बताया, "शहर से बाहर जमीन लेने वालों की संख्या पिछले दो सालों में दोगुनी हो गई है। लोग अब सिर्फ निवेश के लिए नहीं, बल्कि खुद रहने और परिवार के लिए खुले और बड़े स्थान को चुन रहे हैं। इससे प्रॉपर्टी मार्केट में नए इलाके तेजी से विकसित हो रहे हैं।"
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड शहर के स्मार्ट सिटी और विकास योजनाओं के अनुरूप भी है। सड़क, कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं के बेहतर विकास ने शहर के बाहरी इलाकों को आकर्षक बना दिया है। इसके अलावा, कई लोग अब कृषि या हरे-भरे वातावरण के करीब रहना पसंद कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया। कई लोग जिन्होंने शहर से बाहर फार्महाउस बनाए हैं, उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ सस्ते में बड़ी संपत्ति हासिल करने का मौका है, बल्कि शांति और खुली जगह का आनंद भी मिलता है।
इस बदलाव का प्रभाव रियल एस्टेट बाजार में भी साफ नजर आ रहा है। शहर के बाहर के इलाकों में जमीन और प्लॉट की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। डेवलपर्स ने नई योजनाओं और कॉलोनियों का निर्माण शुरू कर दिया है, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

