नीट यूजी पेपर लीक केस में जांच तेज, चार आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड मंजूर; फुटेज में जानें अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी होगी गहरी जांच
नीट यूजी पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। NEET UG Paper Leak Case को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो और एसओजी की संयुक्त जांच में बुधवार को बड़ा अपडेट सामने आया। हिरासत में लिए गए चार आरोपियों को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित न्यायिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के निवास पर पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों को एक दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया, जिसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई थी। आरोपियों को मीडिया से बचाने के लिए चेहरे ढके हुए थे और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत परिसर से बाहर ले जाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार अब इस पूरे मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि पेपर लीक की साजिश में कौन कौन लोग शामिल थे और इसका मास्टरमाइंड कौन है।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो विभिन्न राज्यों में सक्रिय हो सकता है। इसी दिशा में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सीबीआई और एसओजी की टीमें अब डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और लेनदेन रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ा जा सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पेपर लीक किस स्तर पर और कैसे हुआ।
जांच एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि कई संदिग्धों की भूमिका सामने आ रही है। फिलहाल मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह केस देश के सबसे बड़े शैक्षणिक परीक्षा घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

