जल विवाद पर MP के सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, वीडियो में देखें बोले– राजस्थान पाकिस्तान थोड़ी है, 5 नहीं 7 प्रतिशत पानी देंगे
राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल विवाद पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा और सुलह भरा बयान दिया है। सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के दौरान बोलते हुए सीएम मोहन यादव ने साफ कहा कि पानी को लेकर राज्यों के बीच टकराव की नहीं, बल्कि सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 25 सालों से यह विवाद चला आ रहा है कि राजस्थान को 5 प्रतिशत पानी क्यों दिया जाए या नहीं दिया जाए, लेकिन अब समय आ गया है कि इस सोच को बदला जाए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से कहा, “25 साल से राजस्थान के साथ झगड़ा चल रहा है कि इनको 5 प्रतिशत पानी क्यों दें? कोई कहता है पानी नहीं देना चाहिए, कोई कहता है देना चाहिए। लेकिन जब हम सरकार में आए तो हमने इस मुद्दे को टकराव की बजाय संवाद से सुलझाने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस विषय पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे बातचीत की।
सीएम मोहन यादव के मुताबिक, बातचीत के दौरान भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की जमीनी स्थिति से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पानी को लेकर गंभीर समस्याएं हैं, जिससे न सिर्फ आम जनजीवन बल्कि उद्योग-धंधे और विकास परियोजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। मोहन यादव ने बताया कि भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर राजस्थान को पर्याप्त पानी मिल जाए तो राज्य का भविष्य और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हो सकते हैं।
इस पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने उनसे साफ कहा कि सिर्फ 5 प्रतिशत ही क्यों, अगर जरूरत पड़ी तो हम 7 प्रतिशत पानी देने के लिए भी तैयार हैं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजस्थान कोई अलग देश नहीं है। “राजस्थान पाकिस्तान थोड़ी है, राजस्थान भी हमारा ही प्रदेश है। देश के भीतर राज्यों को एक-दूसरे के विकास में सहयोग करना चाहिए,” मोहन यादव ने कहा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जल संकट देश के कई राज्यों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क राज्य के लिए पानी जीवनरेखा है। ऐसे में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का यह नरम और सहयोगात्मक रुख राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है।
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट में मौजूद उद्योगपतियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और नीति विशेषज्ञों ने भी सीएम मोहन यादव के इस बयान को सकारात्मक संकेत बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति से जल बंटवारे का समाधान निकलता है, तो इससे न सिर्फ कृषि और उद्योग को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जाना चाहिए। उनका यह बयान राजस्थान–मध्यप्रदेश संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां विवाद की जगह सहयोग और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

