जयपुर में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई, वीडियो में देखें 43 हजार लीटर से ज्यादा घी सीज, फर्जी फर्मों का खुलासा
जयपुर में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की सेंट्रल टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 हजार लीटर से अधिक घी जब्त किया है। यह कार्रवाई माचेड़ा स्थित श्याम विहार कॉलोनी में की गई, जहां खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और फर्जी तरीके से घी के कारोबार का मामला सामने आया है। टीम की इस कार्रवाई से शहर में मिलावटी और अवैध खाद्य पदार्थों के कारोबार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल टीम ने जयपुर के माचेड़ा इलाके में स्थित ‘गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट’ के ऑथोराइज्ड पते पर छापा मारा। जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां यह फर्म मौजूद नहीं मिली। जांच के दौरान पता चला कि जिस पते पर ‘गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट’ का पंजीकरण है, वहां ‘श्री श्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट’ नाम से दूसरी कंपनी संचालित हो रही है। हैरानी की बात यह रही कि इसी स्थान से बड़े पैमाने पर घी की पैकिंग और सप्लाई की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि इस परिसर से दो अलग-अलग फर्म मिलकर तीन अलग-अलग ब्रांड नामों से घी की पैकिंग कर बाजार में बिक्री कर रही थीं। मौके से भोग विनायक, हरियाणा क्रीम और नक्ष डेयरी ब्रांड के नाम से पैक किए गए घी के पैकेट बरामद किए गए। यह घी खुले तौर पर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, जबकि फर्मों के दस्तावेज और पंजीकरण को लेकर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 43 हजार लीटर से ज्यादा घी सीज किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घी की गुणवत्ता और स्रोत को लेकर संदेह जताया गया है। साथ ही यह भी आशंका है कि घी के निर्माण और पैकिंग में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। सीज किए गए घी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घी शुद्ध है या उसमें मिलावट की गई है।
टीम को यह भी जानकारी मिली कि ‘गिरधर मिल्क फूड प्रोडक्ट’ का वास्तविक कारोबार चोरी-छिपे किसी अन्य स्थान से संचालित किया जा रहा है, जबकि उसके ऑथोराइज्ड पते का इस्तेमाल दूसरी फर्म द्वारा किया जा रहा था। यह पूरी व्यवस्था सुनियोजित तरीके से की गई थी, ताकि प्रशासन की नजरों से बचकर घी का कारोबार किया जा सके।
फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। संबंधित फर्मों के दस्तावेज, लाइसेंस, सप्लाई चेन और बाजार में भेजे गए घी की जानकारी जुटाई जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ किया है कि मिलावट और फर्जी तरीके से खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य उत्पाद खरीदते समय ब्रांड, लाइसेंस नंबर और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, ताकि किसी भी तरह की मिलावट से बचा जा सके।

