जयपुर में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का मामला, फुटेज में देखें हेड कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, पोक्सो एक्ट में भेजा गया जेल
जयपुर में नाबालिग छात्रा को परेशान करने के गंभीर मामले में पुलिस ने एक हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुरुवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेसी) में भेज दिया गया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है।
बिंदायका थाना पुलिस के अनुसार आरोपी हेड कॉन्स्टेबल पहले से ही निलंबित चल रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने नाबालिग छात्रा को क्रिकेट में आगे बढ़ाने में मदद करने के बहाने उससे संपर्क बढ़ाया और फिर लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। वह छात्रा पर फिजिकल रिलेशन बनाने का दबाव बना रहा था और आपत्तिजनक बातें करता था।
पीड़िता के अनुसार आरोपी उसे यह कहकर गुमराह करता था कि केवल टैलेंट के भरोसे कोई आगे नहीं बढ़ता और समय के साथ चलना पड़ता है। इसी सोच का हवाला देकर वह नाबालिग को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश करता रहा। आरोप है कि आरोपी ने छात्रा को अपने एक परिचित के फ्लैट पर चलने के लिए भी दबाव बनाया, जिससे वह बुरी तरह डर गई और तनाव में रहने लगी।
लगातार परेशान किए जाने से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने आखिरकार अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजनों ने बिना देरी किए बिंदायका थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और पीड़िता के बयान व अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पूरी जांच संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। पीड़िता को काउंसलिंग और जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि कोई पुलिसकर्मी ही अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

