जयपुर में फर्नीचर गोदाम में भीषण आग, फुटेज में देंखे मजदूर और परिवार सुरक्षित बाहर निकाले गए
जयपुर के हाथोज क्षेत्र स्थित नारायण सिटी में गुरुवार रात एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई। आग रात लगभग 9:40 बजे राधा रानी वाटर पार्क के पास स्थित इस फर्नीचर फैक्ट्री में भड़क उठी। आग की लपटों ने गोदाम में रखा सारा फर्नीचर जलाकर खाक कर दिया।
घटना के समय गोदाम में करीब आधा दर्जन मजदूर मौजूद थे। मजदूरों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके अलावा, फैक्ट्री परिसर में 13 से अधिक बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थीं। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
स्थानीय लोगों ने आग लगते ही तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने तक ग्रामीणों ने टैंकरों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे आग की शुरुआती फैलाव की गति कुछ हद तक कम हो सकी। इसके बाद जयपुर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग 20 दमकल गाड़ियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि फर्नीचर और गोदाम में रखी ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली। दमकल टीम ने चारों ओर से पानी की सप्लाई और फोम का इस्तेमाल कर आग को नियंत्रित किया। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि घटना में कोई जान का नुकसान नहीं हुआ, यह काफी राहत की बात है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग की तेज लपटें और धुआं बहुत दूर से दिखाई दे रहा था। आसपास के लोग डर के मारे बाहर निकले और कई ने अपने घरों से फायर बिग्रेड को कॉल किया। उन्होंने बताया कि अगर स्थानीय लोग तुरंत मदद नहीं करते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक और गोदाम क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं में शुरुआती प्रतिक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है। नारायण सिटी में ग्रामीणों और आसपास के लोगों की सतर्कता ने बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की।
गोदाम मालिक ने मीडिया को बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाली ज्वलनशील सामग्री हो सकता है। अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और जांच के बाद आग लगने के असली कारणों का पता लगाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने आग से प्रभावित परिवारों और मजदूरों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानक और नियमित निरीक्षण को और कड़ा किया जाएगा।
जयपुर फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए टीम ने पूरी रात मेहनत की। उनके अनुसार, आग नियंत्रण के लिए पानी की पर्याप्त सप्लाई और फोम का इस्तेमाल जरूरी था। उन्होंने लोगों से अपील की कि भविष्य में भी आग लगने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड को सूचना दें।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और गोदाम क्षेत्रों में आग सुरक्षा और प्रारंभिक आपातकालीन प्रतिक्रिया की अहमियत को उजागर किया है। ग्रामीणों और दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ी दुर्घटना टली, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी हुआ है।

