जामा मस्जिद घटना पर मदन राठौड़ का बड़ा बयान, जनता सम्मान नहीं दे तो अक्ल ठिकाने आ जाऐगी, देखें वीडियो
दो दिन पहले जयपुर में जामा मस्जिद के सामने हुई घटना को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में वरिष्ठ नेता मदन राठौड़ ने रविवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संयम और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
मदन राठौड़ ने कहा कि, "हम सभी की अपनी-अपनी आस्था है और यह बेहद जरूरी है कि हम एक-दूसरे की आस्थाओं का आदर करें। किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका हमें विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि समाज में सौहार्द्र और भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी को जिम्मेदारी के साथ आचरण करना चाहिए।
जयपुर की इस घटना के बाद कुछ तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, "किसी को भी भड़काने का कार्य नहीं करना चाहिए। जो लोग समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जनता को चाहिए कि ऐसे लोगों का सामाजिक रूप से बहिष्कार करे और उन्हें तिरस्कृत करे।"
मदन राठौड़ का यह बयान ऐसे समय आया है जब घटना को लेकर कई तरह की अफवाहें और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैल रही थीं। उन्होंने अपील की कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब से है, जहां सभी धर्मों और समुदायों ने सदियों से मिल-जुल कर जीवन व्यतीत किया है। "हमारी सांझी विरासत हमें सिखाती है कि विविधता में ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है," राठौड़ ने कहा।
जयपुर प्रशासन ने भी घटना को लेकर सतर्कता बरतते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे किसी भी तरह के भड़काऊ तत्वों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और किसी भी अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मदन राठौड़ ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत जानकारियों से प्रभावित न हों और समाज में शांति बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और संयम ही किसी भी चुनौती का सबसे प्रभावी उत्तर है।
इस घटना के बाद शहर में सामान्य स्थिति बनी हुई है, हालांकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सामाजिक संगठनों ने भी शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
जयपुर जैसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर वाली नगरी में सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए नेताओं और नागरिकों का ऐसा संयमित और जिम्मेदार रवैया आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण है।

