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जयपुर में लेक्चरर ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या, फुटेज में जानें सुसाइड नोट में पुलिस पर गंभीर आरोप

जयपुर में लेक्चरर ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या, फुटेज में जानें सुसाइड नोट में पुलिस पर गंभीर आरोप

बुधवार शाम जयपुर के महेशनगर इलाके में एक सस्पेंडेड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सामने आए सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि उनकी मौत इरादतन करवाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लेक्चरर का शव करीब तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा, इस दौरान उनके ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं। जब आसपास किसी का ध्यान नहीं गया, तब इस व्यक्ति ने शव को उठाकर ट्रैक से अलग रखा।

सुसाइड नोट में लेक्चरर ने लिखा कि “मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है। SOG के जोशीले तेवर ने मुझे उस भट्ठी में डाल दिया, जहां रोज नए खुलासे हो रहे थे। मैं इन मामलों में ज्यादा शामिल नहीं था। साल 2022 या उससे पहले की कुछ गलतियां थीं। अजमेर एसओजी में दर्ज FIR में मेरा नाम नहीं था। उस मामले में रमेश गिरफ्तार हुआ और चालान में भी मेरा जिक्र नहीं था।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जांच अधिकारी मुकेश सोनी ने उनसे कई बार पूछताछ की और उनके अनुसार पैसे ऐंठने की कोशिश की। लेक्चरर ने लिखा कि जांच अधिकारी के ट्रांसफर के बाद मामला लगभग एक साल के लिए ठंडे बस्ते में चला गया।

मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। स्थानीय पुलिस ने मृतक के सुसाइड नोट और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की पुष्टि के लिए मामले की गहन जांच की जाएगी और आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

मनोहर (लेखक के अनुसार मृतक का नाम) की मौत ने उनके दोस्तों और सहकर्मियों को गहरा शॉक दिया। उनके दोस्तों ने घटना के कुछ देर बाद सुसाइड नोट को सोशल मीडिया पर साझा किया। इस नोट के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच को तेज कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में मानसिक दबाव और कामकाजी तनाव भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन इस मामले में मृतक ने खुले तौर पर पुलिस और जांच प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया है।

रेलवे ट्रैक पर शव के लंबे समय तक पड़े रहने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि किसी ने तुरंत ध्यान दिया होता तो ट्रैक पर यह स्थिति नहीं बनती।

मामले में अभी कई पहलुओं की जांच की जानी बाकी है। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट, CCTV फुटेज और रेलवे अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत छानबीन की जाएगी।

यह घटना न केवल जयपुर में सनसनीखेज है, बल्कि यह सत्यापन और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी ध्यान खींचती है। जांच में यह सामने आएगा कि लेक्चरर की मौत सच में आत्महत्या थी या उनके आरोपों की तह तक जाकर कोई अन्य कारण छुपा हुआ था।

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