जयपुर में गैस संकट से होटल-ढाबों की रसोई प्रभावित, वीडियो में देखें कहीं लकड़ी से खाना तो कहीं गुरुद्वारे में इंडक्शन का सहारा
राजस्थान की राजधानी Jaipur में इन दिनों एलपीजी गैस की भारी कमी देखने को मिल रही है। इस संकट का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और धार्मिक स्थलों की रसोई पर पड़ रहा है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाने के लिए लकड़ी या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से शहर के कई होटल और ढाबों की रसोई पर संकट खड़ा हो गया है। कुछ जगहों पर गैस खत्म होने के बाद खाना बनाने के लिए पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे जलाने पड़े हैं, जबकि कुछ संस्थानों ने बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
गुरुद्वारे में इंडक्शन पर बन रहा लंगर
गैस की कमी का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखा जा रहा है। शहर के कुछ गुरुद्वारों में लंगर बनाने के लिए गैस की जगह इंडक्शन चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था जारी रखी जा सके। हालांकि इंडक्शन पर बड़े पैमाने पर खाना बनाना आसान नहीं है, इसलिए व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ रहा है।
होटल-ढाबों के सामने बड़ा संकट
गैस संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संचालन बनाए रखना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर किचन सीमित समय के लिए ही चलाए जा रहे हैं और कुछ होटल मेन्यू भी कम कर रहे हैं। कुछ संचालकों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे होटल और ढाबों को बंद करना पड़ सकता है। रिपोर्टों के अनुसार कुछ जगहों पर कमर्शियल गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केट में बहुत महंगे दामों पर बिक रहे हैं, जिससे कारोबारियों की परेशानी और बढ़ गई है।
बिजली की मांग भी बढ़ने की आशंका
गैस की कमी के कारण कई होटल, रेस्टोरेंट और घरों में लोग इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में बिजली की मांग बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
पर्यटन और रोजगार पर असर
जयपुर एक प्रमुख पर्यटन शहर है, इसलिए होटल-रेस्टोरेंट की रसोई प्रभावित होने से पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है। होटल संचालकों का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो कार्यक्रमों, शादियों और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल होटल व्यवसायी और आम लोग गैस सप्लाई सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो शहर में खाद्य सेवाओं और रोजगार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

