जेई भर्ती पेपर लीक मामला: SOG ने फरार कोचिंग संचालक को किया गिरफ्तार, वीडियो में देंखे लाखों की वसूली का खुलासा
राजस्थान में कनिष्ठ अभियंता (JE) संयुक्त भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Special Operations Group (SOG) ने फरार चल रहे कोचिंग संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने हाई-टेक तरीके से परीक्षा का लीक पेपर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया और इसके बदले भारी रकम वसूली।पुलिस के अनुसार, आरोपी Bhim Singh (46), जो अलवर जिले के हरसोरा का निवासी है और वर्तमान में बानसूर (कोटपूतली-बहरोड़) क्षेत्र में रह रहा था, को 17 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर पकड़ा गया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
जांच में सामने आया है कि भीम सिंह ने टैबलेट डिवाइस का इस्तेमाल कर कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही लीक पेपर पढ़ाया। इतना ही नहीं, वह इन उम्मीदवारों को खुद परीक्षा केंद्र तक लेकर जाता था ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 25-25 लाख रुपये वसूले थे। इस तरह यह पूरा रैकेट करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पहले Railway Protection Force (RPF) में कार्यरत था और वहां से वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने के बाद उसने कोचिंग सेंटर शुरू किया। इसी के जरिए वह अभ्यर्थियों के संपर्क में आया और बाद में उन्हें इस अवैध गतिविधि में शामिल किया।फिलहाल SOG की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पेपर लीक का स्रोत क्या था।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा प्रतीत होता है। साथ ही, जिन अभ्यर्थियों ने पैसे देकर पेपर हासिल किया, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।यह मामला एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। सरकार और जांच एजेंसियां इस तरह के अपराधों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दे रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

