टोंक रोड पर जेडीए की लैंड पूलिंग योजना को मंजूरी, वीडियो में जानें किसानों का हिस्सा बढ़ाकर 47% किया
शहर के विस्तार और नियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए टोंक रोड क्षेत्र में नई लैंड पूलिंग योजना को मंजूरी दे दी है। जेडीए आयुक्त Siddharth Mahajan ने शिवदासपुरा, बरखेड़ा और चंदलाई गांवों की करीब 163 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित योजना को स्वीकृति देते हुए इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला भी लिया गया है। पहले काश्तकारों को विकसित जमीन का 45 प्रतिशत हिस्सा देने का प्रस्ताव था, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर 47 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे योजना से जुड़े किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
जेडीए अधिकारियों के अनुसार इस योजना का उद्देश्य टोंक रोड क्षेत्र में नियोजित आवासीय और शहरी विकास को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर सड़कें, पानी, बिजली, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह इलाका शहर के प्रमुख विकास क्षेत्रों में शामिल हो सकेगा।
इसी बैठक में जेडीए ने एक और महत्वपूर्ण आवासीय योजना को भी मंजूरी दी है। Bhojpur गांव में 644 भूखंडों की नई आवासीय योजना विकसित की जाएगी। इस योजना के लागू होने से आम लोगों को आवास के नए विकल्प मिलेंगे और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई योजनाओं से जयपुर के आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं और क्षेत्र का आर्थिक विकास भी तेज होगा।
जेडीए की ओर से बताया गया है कि राज्य सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद योजना क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से शुरू किए जाएंगे। इसके तहत सड़क, ड्रेनेज, पार्क, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।
फिलहाल जेडीए ने योजना क्षेत्र में प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जानकारी के अनुसार इलाके में सड़क निर्माण का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में यहां होने वाले विकास कार्यों के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की योजनाएं जयपुर के नियोजित विस्तार के लिए जरूरी हैं। इससे शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी और भविष्य में बढ़ती आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

