जयपुर के एसएमएस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर दी सूचना
राजधानी जयपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी पुलिस कंट्रोल रूम को एक अज्ञात कॉल के जरिए दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे अस्पताल परिसर में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया।
यह धमकी जयपुर स्थित Sawai Man Singh Hospital को लेकर दी गई, जिसे आमतौर पर एसएमएस अस्पताल के नाम से जाना जाता है। जैसे ही कंट्रोल रूम को कॉल प्राप्त हुई, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
अस्पताल परिसर को सुरक्षा कारणों से आंशिक रूप से खाली कराया गया और मरीजों व उनके परिजनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसमें अस्पताल के हर वार्ड, ओपीडी, पार्किंग एरिया और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह धमकी झूठी या अफवाह होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। साइबर सेल की टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जैसे ही उन्हें पुलिस से सूचना मिली, उन्होंने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए। हालांकि इस दौरान मरीजों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद स्थिति सामान्य होने लगी और जांच तेज कर दी गई।
जयपुर पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए तकनीकी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी धमकियां न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव डालती हैं, बल्कि आम जनता में अनावश्यक भय भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सख्त सजा बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

