जयपुर के पुरोहितजी का कटला में दूसरे दिन भी बाजार बंद, फुटेज में देंखे आग से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे अशोक गहलोत
जयपुर के पुरोहितजी का कटला और मणिहारों का कटला में भीषण आग लगने की घटना के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी बाजार बंद रहे। गुरुवार को सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी आग से करीब 25 दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया था। घटना के बाद शुक्रवार को दोनों बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंचे और आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी व्यापारियों का हाल जानने सेठी कॉम्प्लेक्स पहुंचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर आग लगने की घटना और नुकसान के बारे में जानकारी ली। इस दौरान व्यापारियों ने उन्हें अपनी परेशानियों और हुए नुकसान के बारे में बताया।
व्यापारियों से बातचीत के बाद गहलोत ने मीडिया से कहा कि दुकानदारों ने आग की घटना में नगर निगम की कमी की बात बताई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी है कि बाजारों और इमारतों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच की जाए।गहलोत ने कहा कि सरकार बदलने के बाद भी यह देखना जरूरी है कि बाजारों और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी के इंतजाम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी मंत्री को मौके पर आकर प्रभावित व्यापारियों से मिलना चाहिए और उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।
गुरुवार को सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी आग काफी भीषण थी। आग की चपेट में आने से करीब 25 दुकानों में रखा सामान जल गया। आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था।आग के बाद शुक्रवार को व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। दुकानदारों के सामने सामान के नुकसान के साथ कारोबार को दोबारा शुरू करने की चुनौती भी है। व्यापारी प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और राहत की मांग कर रहे हैं।
निकाय चुनाव को लेकर भी गहलोत का आरोप
अशोक गहलोत ने जयपुर के निकाय चुनाव परिणामों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए निकाय बोर्ड बनाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, यह आरोप राजनीतिक है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।फिलहाल आग की घटना के बाद व्यापारियों में चिंता का माहौल है। बाजार में सुरक्षा और फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रभावित दुकानदार अब प्रशासन से नुकसान का आकलन और उचित मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

