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जयपुर पुरोहितजी का कटला अग्निकांड: दो फायर अफसर सस्पेंड, वीडियो में जाने 7 दिन में जांच रिपोर्ट देगी कमेटी

जयपुर पुरोहितजी का कटला अग्निकांड: दो फायर अफसर सस्पेंड, वीडियो में जाने 7 दिन में जांच रिपोर्ट देगी कमेटी

जयपुर के पुरोहितजी का कटला में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। स्थानीय निकाय विभाग (DLB) ने जयपुर नगर निगम के दो अग्निशमन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार मीणा और सहायक अग्निशमन अधिकारी कुलदीप माणतवार शामिल हैं।

अग्निकांड की परिस्थितियों और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की जांच के लिए DLB ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी को सात दिन के भीतर मामले की जांच कर सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

मामले की जांच के लिए गठित कमेटी में स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग के मुख्य अभियंता को सदस्य और नगर निगम उदयपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है।कमेटी अग्निकांड के दौरान अग्निशमन व्यवस्था, अधिकारियों की भूमिका और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित चूक से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे लगी आग

अग्निकांड के प्रत्यक्षदर्शी गार्ड विक्रम सिंह के मुताबिक, आग छोटू भाई के चूड़ियों और मणिहारी सामान के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने बताया कि आग लगने की जानकारी उन्होंने ग्रुप में भी साझा की थी।विक्रम सिंह ने बताया कि जब उन्होंने गोदाम का ताला तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, उसी दौरान आग तेजी से भड़कने लगी। गोदाम के बाहर बने बरामदे में भी बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। इसके चलते आग ने तेजी से आसपास के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।

आग फैलने से मची अफरा-तफरी

पुरोहितजी का कटला इलाके में बड़ी संख्या में दुकानें और गोदाम हैं। ऐसे में आग तेजी से फैलने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।अब DLB की ओर से अधिकारियों के निलंबन और जांच कमेटी के गठन के बाद अग्निकांड में प्रशासनिक व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। सात दिन में कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आग लगने की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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