जयपुर में पोलो प्रेमियों के लिए उत्सव का माहौल बन गया है। जयपुर पोलो सीजन 2026 का भव्य आगाज हो चुका है। इस अवसर पर पोलो प्लेयर सवाई पद्मनाभ सिंह ने इस साल के पोलो कैलेंडर की घोषणा की और बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक सीजन होने जा रहा है।
सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा कि इस बार के सीजन में पोलो खेल के साथ-साथ जयपुर की विरासत, तकनीकी नवाचार और महिला सशक्तिकरण के पहलुओं को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सीजन में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, और दर्शकों को आकर्षक मुकाबलों के साथ नवीनतम तकनीकी सुविधाएँ देखने को मिलेंगी।
इस बार जयपुर पोलो सीजन में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। पद्मनाभ सिंह ने कहा कि महिलाओं के लिए अलग टूर्नामेंट और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि पोलो खेल में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले और युवा खिलाड़ी प्रेरित हों।
तकनीकी पहलुओं में इस बार एडवांस्ड स्कोरिंग सिस्टम, लाइव स्ट्रीमिंग, और डिजिटल प्लेयर ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इन नवाचारों के जरिए दर्शकों को मैदान के अंदर और बाहर खेल का रोमांच अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
जयपुर पोलो सीजन के आयोजन से शहर की पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी नया आयाम मिलेगा। पद्मनाभ सिंह ने बताया कि सीजन के दौरान शहर में पोलो से जुड़े कला, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे पोलो का आनंद केवल खेल तक सीमित नहीं रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जयपुर पोलो सीजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए बल्कि युवा खिलाड़ियों, महिला खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इससे शहर की खेल और पर्यटन छवि को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सीजन के आयोजकों ने यह भी कहा कि सभी कार्यक्रम COVID-19 और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित किए जाएंगे। दर्शकों के लिए टिकट, प्रवेश व्यवस्था और पार्किंग जैसी सुविधाओं को इस बार डिजिटल माध्यम से आसान बनाया गया है।
जयपुर पोलो सीजन 2026 के आगाज के साथ ही शहर में खेल का उत्साह और सामाजिक ऊर्जा चरम पर है। इस सीजन से यह भी संदेश जाता है कि पारंपरिक खेल और आधुनिक तकनीक का मेल खेल प्रेमियों के अनुभव को और भी रोमांचक बना सकता है।
इस प्रकार, जयपुर पोलो सीजन 2026 न केवल खेल का उत्सव है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला एक आधुनिक और भव्य आयोजन साबित हो रहा है।

