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ऊंटों की घटती संख्या पर जयपुर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, वीडियो में जानें सरकार से मांगा जवाब

https://youtu.be/Vx5MoGAcdcc

राजस्थान के राज्य पशु ऊंट की लगातार घटती संख्या को लेकर Rajasthan High Court ने राज्य सरकार पर कड़ी मौखिक टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि ऊंट संरक्षण के लिए कानून बनने के बाद भी राज्य में ऊंटों की संख्या लगभग आधी रह गई है, जो चिंता का विषय है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।

दरअसल, हाईकोर्ट राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस दौरान अदालत ने सरकार से सवाल किया कि जब ऊंट संरक्षण के लिए कानून बनाया गया है तो इसके बावजूद ऊंटों की संख्या लगातार क्यों घट रही है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य पशु के संरक्षण को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और चिंताजनक हो सकती है।

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। सरकार ने अदालत को बताया कि इस विषय पर विस्तृत जवाब तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए कुछ समय की आवश्यकता है।

सरकार की इस मांग को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत ने सरकार से अगली सुनवाई तक इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने को कहा है।

यह सुनवाई Pushpendra Singh Bhati और Vineet Kumar Mathur की खंडपीठ में हुई। जयपुर बेंच में मंगलवार, 10 मार्च को इस मामले पर विस्तृत चर्चा की गई।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में ऊंट को राज्य पशु का दर्जा दिया गया है और इसके संरक्षण के लिए विशेष कानून भी लागू किया गया था। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में ऊंटों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पशुपालकों और विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, आधुनिक परिवहन साधनों के बढ़ते उपयोग और पशुपालन से जुड़े आर्थिक कारणों की वजह से ऊंट पालन कम होता जा रहा है। यही कारण है कि राज्य में इस पशु की संख्या तेजी से घट रही है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अब सरकार पर ऊंट संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। अगली सुनवाई में अदालत सरकार से इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर रही है।

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