लंबे समय तक चली जद्दोजहद, खींचतान और सिफारिशों के बाद आखिरकार भाजपा ने जयपुर शहर की नई कार्यकारिणी गुरुवार देर रात घोषित कर दी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह कार्यकारिणी गठन कई महीने की विचार-विमर्श और संतुलन के बाद तय की गई है।
सूत्रों ने बताया कि कार्यकारिणी में शामिल सदस्यों का चुनाव भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंडल अध्यक्षों और राज्य नेतृत्व की सिफारिशों के आधार पर किया गया। इसमें पार्टी के अनुभवी और युवा नेताओं को संतुलित तरीके से शामिल किया गया है, ताकि शहर संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारी दोनों सुनिश्चित की जा सकें।
भाजपा की इस नई कार्यकारिणी को लेकर कई महीनों से चर्चा चल रही थी। पार्टी के अंदर विभिन्न गुटों और नेताओं के बीच समीकरण बनाने की कोशिशें जारी थीं। अधिकारियों ने बताया कि अब यह कार्यकारिणी स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क और आगामी चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
राज्य भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कार्यकारिणी गठन का उद्देश्य केवल पार्टी का संगठनिक ढांचा तैयार करना नहीं है, बल्कि शहर में पार्टी की जनता तक पहुंच, सदस्यता अभियान और आगामी चुनावों की तैयारियों को भी गति देना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कार्यकारिणी के गठन के बाद भाजपा शहर में संगठनात्मक नियंत्रण और चुनावी तैयारी को तेज करेगी। इसके साथ ही स्थानीय नेताओं को जनता के बीच सक्रियता और कार्यक्रम संचालन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुरुवार देर रात घोषित हुई यह कार्यकारिणी अब जयपुर शहर भाजपा का संचालन, सदस्यता अभियान और जन संपर्क अभियान चलाएगी। इसके साथ ही संगठन के सभी विभागों में सदस्यों की भागीदारी और जिम्मेदारी को सुनिश्चित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जयपुर शहर में भाजपा की नई कार्यकारिणी आने वाले चुनावों में रणनीतिक भूमिका निभाएगी और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करेगी।

