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जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान, वीडियो में देखें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के राजनीतिक भविष्य को बताया उज्ज्वल

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान, वीडियो में देखें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के राजनीतिक भविष्य को बताया उज्ज्वल

राजस्थान की राजनीति में हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा दिया गया बयान चर्चा का विषय बन गया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की खुलकर प्रशंसा करते हुए उन्हें लंबे समय बाद राजस्थान को मिला एक ब्राह्मण बालक मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व, उनके पारिवारिक संस्कार और राजनीतिक भविष्य को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद राजस्थान को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो ब्राह्मण समाज से आता है और जिनके आचरण में धर्म स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी धर्मपत्नी दोनों ही धर्म आचरण वाले हैं और यही कारण है कि उनका राजनीतिक क्षितिज लंबे समय तक जगमगाता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संस्कारी और धार्मिक मूल्यों वाले नेतृत्व से राज्य को स्थायित्व और दिशा मिलेगी।

अपने वक्तव्य में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने गलता गादी के अधिपति कृष्ण दास परिहारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण दास परिहारी गलता गादी के अधिपति हैं और इस त्रिवेणी की सेवा का सौभाग्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मिला है। उन्होंने इस अवसर को मुख्यमंत्री के लिए विशेष और पुण्यदायी बताया। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस पूरे प्रसंग को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मुख्यमंत्री को राजनीतिक जीवन में संतुलन और धैर्य बनाए रखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का राजनीतिक क्षितिज अत्यंत सुंदर और उज्ज्वल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आलोचनाओं से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। “सबको सब कहने दीजिए, आप मस्ती में काम कीजिए,” कहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सीख दी।

उन्होंने एक प्रसिद्ध सूक्त का उल्लेख करते हुए कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।” इस कहावत के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जब कोई व्यक्ति बड़े उद्देश्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है, तो आलोचनाएं स्वाभाविक होती हैं, लेकिन उनसे प्रभावित हुए बिना अपने कर्तव्य का पालन करना ही सच्ची नेतृत्व क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मंगल होगा और वे सफलता की ओर निरंतर अग्रसर रहेंगे।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक संतों द्वारा किसी मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व और भविष्य को लेकर इस तरह की टिप्पणी को समर्थक वर्ग सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस बयान को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की छवि और नेतृत्व को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

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