जयपुर में अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, फुटेज में देंखे 3 बदमाश गिरफ्तार; 19 चोरी के मोबाइल बरामद
जयपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सिंधी कैंप थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से चुराए गए 19 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और दो अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य चोरी के मोबाइल मेवात में बेचते थे। इन मोबाइल का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड जैसी आपराधिक गतिविधियों में किए जाने की आशंका है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
सिंधी कैंप थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के मुताबिक, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोईन उर्फ शाहरुख, मोहम्मद अनस और हसीब मेव शामिल हैं।पुलिस के अनुसार, मोईन उर्फ शाहरुख मूल रूप से टोंक के काफला का निवासी है और फिलहाल जयपुर के रामगंज इलाके में जुलाहों के मोहल्ले में रहता है। दूसरा आरोपी मोहम्मद अनस जयपुर के आमेर स्थित कुंडलाव कॉलोनी का निवासी है। तीसरा आरोपी हसीब मेव हरियाणा के नगीना का रहने वाला है और वर्तमान में जयपुर के जयसिंहपुरा खोर की शारदा कॉलोनी में रह रहा था।पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन-किन इलाकों में वारदातों को अंजाम दिया था।
राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से चुराए मोबाइल
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के विभिन्न इलाकों से मोबाइल फोन चोरी करते थे। इसके बाद इन मोबाइल को दूसरे राज्यों में बेचने की व्यवस्था की जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 19 चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और दो अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।जांच एजेंसियां अब बरामद मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करने और उन्हें वापस लौटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
मेवात में बेचते थे चोरी के मोबाइल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के बदमाश चोरी के मोबाइल मेवात में बेचते थे। जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि इन मोबाइल का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था। हालांकि, चोरी के मोबाइल का साइबर फ्रॉड की घटनाओं में इस्तेमाल होने की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि चोरी के मोबाइल खरीदने वाले लोग कौन हैं और क्या इस नेटवर्क में अन्य आरोपी भी शामिल हैं। मोबाइल चोरी के बाद उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
जयपुर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान चोरी की अन्य वारदातों, मोबाइल खरीदने-बेचने वाले नेटवर्क और संभावित साइबर अपराध से जुड़े कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के काम करने के तरीके और अन्य संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

