वीडियो में देंखे दांडी मार्च की वर्षगांठ पर अशोक गहलोत और डोटासरा ने एलपीजी संकट पर सरकार पर साधा निशाना
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटना दांडी मार्च की वर्षगांठ के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने देश और राजस्थान की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने एलपीजी संकट और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वर्तमान समय में लोकतंत्र खतरे में है और देश में अघोषित इमरजेंसी चल रही है। उनका आरोप है कि न्यायपालिका और एजेंसियां दबाव में काम कर रही हैं और इस कारण लोकसभा में कामकाज बाधित हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस स्थिति के प्रति सचेत रहें और लोकतंत्र की रक्षा करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आज एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और आम लोग लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को दबा रही है और कांग्रेस आने वाले दिनों में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और कमी को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
दोनों नेताओं ने यह बातें दांडी मार्च की वर्षगांठ पर कहीं। उन्होंने याद दिलाया कि 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नमक कर (टैक्स) के विरोध में दांडी मार्च निकाला था। गांधी जी ने अपने 78 साथियों के साथ यह यात्रा शुरू की थी, जो देखते ही देखते पूरे देश में एक जन आंदोलन बन गई। इस आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और अंग्रेजों की नीति के खिलाफ जनता में जागरूकता बढ़ाई।
अशोक गहलोत और डोटासरा ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जैसे महात्मा गांधी ने असमानता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई थी, वैसे ही आज कांग्रेस एलपीजी की बढ़ती कीमतों और जनता पर पड़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ संघर्ष करेगी। नेताओं ने जनता से अपील की कि वे सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं के प्रति सजग रहें और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि दांडी मार्च की वर्षगांठ पर ऐसे बयान कांग्रेस के आगामी आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों की नींव रख सकते हैं। एलपीजी संकट, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित कर सकती है।
दांडी मार्च की स्मृति में आज आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और नेताओं ने गांधी जी के विचारों और उनके अहिंसात्मक आंदोलन की भूमिका को याद किया। नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का आंदोलन केवल ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई भी थी।
राजस्थान में कांग्रेस की योजना एलपीजी संकट पर जागरूकता फैलाने और सरकार के कदमों के खिलाफ दबाव बनाने की है। नेताओं का कहना है कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और ऐसे समय में राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी बनती है कि वह जन हित और न्याय के लिए आवाज उठाए।

