Samachar Nama
×

वीडियो में देंखे कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने परवन सिंचाई परियोजना में देरी और घोटाले को लेकर बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

वीडियो में देंखे कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने परवन सिंचाई परियोजना में देरी और घोटाले को लेकर बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने परवन सिंचाई परियोजना में हो रही देरी और घटिया पाइप लगाने के मुद्दे पर पूरक सवाल उठाया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष और राहुल गांधी द्वारा किए गए शिलान्यास के कारण इस परियोजना में पांच साल तक कोई ठोस काम नहीं किया गया। भाया ने कहा कि बीजेपी सरकार ने जानबूझकर इस योजना को लटकाए रखा, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ा।

भाया का आरोप - बीजेपी ने की राजनीतिक द्वेषता

प्रमोद जैन भाया ने विधानसभा में कहा, "राहुल गांधी ने परवन सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया था, और फिर बीजेपी सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस परियोजना में कोई कार्यवाही नहीं की। यह सिर्फ राजनीतिक द्वेषता का परिणाम है।" भाया ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस परियोजना को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया, जबकि किसानों के हित में इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए था।

घटिया पाइप लगाने का आरोप और ठेकेदार को फायदा

कांग्रेस विधायक ने परियोजना में लगाए गए पाइप की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि परवन सिंचाई परियोजना में एचडीपीआई (High-Density Polyethylene) पाइप लगाए गए थे, लेकिन इनकी गुणवत्ता घटा दी गई, जिससे ठेकेदार को करोड़ों रुपये का फायदा हुआ। भाया ने इस बात को भी उठाया कि इस भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा खामियाजा परवन सिंचाई से जुड़े किसानों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि घटिया पाइप से पानी की आपूर्ति में समस्या हो सकती है, जो किसानों के लिए बेहद नुकसानदायक होगा।

अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

भाया ने इस मामले में सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार उन अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी, जिन्होंने इस परियोजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की स्थिति पैदा की। उन्होंने कहा, "ऐसे अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार की घटनाओं को रोका जा सके।"

राजनीतिक विवाद और किसान हित

परवन सिंचाई परियोजना का मामला अब राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गया है, क्योंकि कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार ने केवल राजनीतिक कारणों से इस परियोजना में देरी की, जबकि किसानों को इसका फायदा मिल सकता था। वहीं, बीजेपी सरकार इस आरोप का खंडन करती है और दावा करती है कि उन्होंने परियोजना के तहत आवश्यक कदम उठाए हैं।

यह मामला अब विधानसभा में और राजनीतिक चर्चा का कारण बन सकता है, और सरकार पर बढ़ते दबाव के बीच इसे लेकर आगे की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

Share this story

Tags