ईरान-इज़राइल संघर्ष का असर: राजस्थान विधानसभा में रसोई गैस संकट पर विपक्ष ने मोदी सरकार पर किया हमला
राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाली आर्थिक अस्थिरता और गैस संकट को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं। विपक्ष ने चिंता जताई कि अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से भारत में पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस (LPG) की कीमतें और उपलब्धता प्रभावित हो सकती हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सदन में कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के बाद अब रसोई गैस की कमी आम जनता की कमर तोड़ने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान से इंपोर्ट होने वाली गैस और तेल पर निर्भरता के कारण समय रहते राहत उपाय न किए गए तो घरेलू रसोई और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान-इज़राइल संघर्ष की वजह से कई देशों के एयरस्पेस बंद होने और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है। जो देश ईरान से तेल और गैस आयात करते रहे हैं, उन्हें धीरे-धीरे संकट की आहट महसूस होने लगी है।
सदन में विपक्ष ने मोदी सरकार से सशक्त और समय पर राहत उपाय लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि सबसिडी और मूल्य नियंत्रण जैसी योजनाओं को तेज़ किया जाए ताकि आम जनता पर ऊर्जा संकट का भार न पड़े। विपक्ष ने इस मुद्दे को केवल आर्थिक संकट तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे राजनीतिक और सामाजिक चिंताओं से जोड़ते हुए गंभीर बहस छेड़ दी।
सत्तापक्ष ने जवाब में कहा कि केंद्र सरकार लगातार वैश्विक स्थिति और आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रख रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकतानुसार उपभोक्ताओं तक सबसिडी और राहत उपाय पहुंचाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहस यह स्पष्ट करती है कि वैश्विक संघर्ष और ऊर्जा संकट सीधे तौर पर राज्य और नागरिकों की जेब पर असर डाल सकते हैं। ऐसे समय में राज्य और केंद्र सरकारों का सतर्क और त्वरित कदम बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, राजस्थान विधानसभा में ईरान-इज़राइल संघर्ष और उससे उत्पन्न गैस संकट पर हुई बहस ने साफ कर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू आपूर्ति व्यवस्था राज्य और आम जनता के लिए कितना संवेदनशील मुद्दा है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया कि समय रहते सबसिडी और राहत उपायों के माध्यम से आम जनता की मुश्किलों को कम किया जाए।

