पंचायत और निकाय चुनाव टालने के मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, वीडियो में जाने सरकार के रवैये पर जताई नाराजगी
राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को टालने को लेकर चल रहे विवाद पर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस मामले में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग द्वारा दायर प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।यह सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश Sanjiv Prakash Sharma और न्यायमूर्ति Sanjeet Purohit की खंडपीठ में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार द्वारा समय पर चुनाव नहीं कराने को लेकर कड़ी टिप्पणी की। बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि सरकार का यह रवैया उचित नहीं है और चुनाव प्रक्रिया को लगातार टालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं है।कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव कराने के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद बार-बार विलंब किया जा रहा है।
इस मामले में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव स्थगन को लेकर अपने-अपने कारण अदालत के सामने रखे। हालांकि, अदालत ने सभी दलीलों पर विचार करने के बाद फैसला सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।अब इस मामले में हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य में पंचायत और निकाय चुनावों की समय-सीमा और प्रक्रिया तय होगी। राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है, और सभी की नजरें अब अदालत के फैसले पर टिकी हैं।

