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राजस्थान में मार्च में हीटवेव की शुरुआत, वीडियो में जाने हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी की गाइडलाइन

राजस्थान में मार्च में हीटवेव की शुरुआत, वीडियो में जाने हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी की गाइडलाइन

राजस्थान में मार्च के महीने में हीटवेव का असर दिखने लगा है। बुधवार को राज्य के जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा के इलाकों में तेज गर्मी महसूस की गई। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हेल्थ डिपार्टमेंट ने आगामी दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है।

हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को राजस्थान में हीटवेव का असर नहीं रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 14 मार्च को राज्य के आठ जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। यह अलर्ट विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए है जहां तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

जैसलमेर और बाड़मेर जैसे पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर अधिक देखा गया। वहां लोगों ने दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से परेशानियां महसूस की। वहीं, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के इलाकों में बुधवार दोपहर बाद हल्के बादल छाने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई।

हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि वे तेज धूप में लंबी अवधि तक बाहर न रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और गर्मी से बचाव के लिए हल्के कपड़े पहनें। विशेष रूप से वृद्धजन, बच्चे और हृदय रोगी गर्मी के प्रभाव से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क किया जाए।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में हीटवेव का असर सामान्य से पहले दिखाई दे रहा है। यह संकेत है कि आगामी अप्रैल और मई में गर्मी और अधिक तेज हो सकती है। ऐसे में राजस्थान के पश्चिमी और केंद्रीय हिस्सों में तापमान 45 डिग्री तक पहुँच सकता है।

राजस्थान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और गर्मी से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में भी गर्मी के चलते समय सारिणी और गतिविधियों में बदलाव की संभावना है।

मौसम विभाग ने यह चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तेज धूप और आंधी के कारण सड़क और ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है। यात्रियों और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी नियमित रूप से देखें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान जैसे रेगिस्तानी और शुष्क प्रदेश में मार्च से ही गर्मी बढ़ना आम है, लेकिन इस बार यह सामान्य से पहले शुरू हुई है। इसलिए नागरिकों और प्रशासन दोनों को सजग रहने की आवश्यकता है।

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