हवाला या बड़ा फ्रॉड? जयपुर के CA ने फर्जी कागजों से विदेश भेजे ₹2395 करोड़, FIR दर्ज
जयपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब 2,395 करोड़ रुपये विदेश भेजने में कथित तौर पर मदद करने का आरोप लगा है। आयकर विभाग की शिकायत के आधार पर सीए अभिषेक जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बिना जरूरी दस्तावेजों की उचित जांच किए बड़ी संख्या में फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए।
आयकर विभाग के मुताबिक, यह पूरा लेनदेन वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच हुआ। मामले में करीब 40 फर्मों, कंपनियों और ट्रस्टों के नाम सामने आए हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर विदेश में रकम भेजी गई।
क्या है पूरा मामला?
आयकर विभाग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक जैन के खिलाफ जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, सीए ने बिना पर्याप्त दस्तावेजों की जांच किए करीब 3,168 फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए।
इन सर्टिफिकेट के आधार पर करीब 2,395 करोड़ रुपये विदेश भेजे जाने का आरोप है। फॉर्म 15CB एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से जारी किया जाने वाला प्रमाण पत्र है, जिसका इस्तेमाल भारत से विदेश भेजी जाने वाली रकम पर टैक्स और TDS से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित करने के लिए किया जाता है।
18 अगस्त को हुई जांच के बाद सामने आया मामला
यह मामला 18 अगस्त को आयकर विभाग की जांच शाखा की ओर से किए गए सर्वे के बाद सामने आया। इस दौरान जयपुर के पत्रकार कॉलोनी इलाके में स्थित सीए अभिषेक जैन के कार्यालय की भी जांच की गई।
विभाग की शिकायत के मुताबिक, सर्वे के दौरान विदेशी लेनदेन से जुड़े फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज मिले। एफआईआर में जिन लेनदेन का जिक्र है, वे वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान किए गए बताए गए हैं।
जिनके नाम पर भेजी गई रकम, उनकी आय पर भी सवाल
आयकर विभाग ने लेनदेन से जुड़े लोगों और कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, कुछ संस्थाओं ने इनकम टैक्स रिटर्न तक दाखिल नहीं किया था। वहीं, कुछ के पास बड़ी कारोबारी गतिविधि या इतनी आय का रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे इतनी बड़ी रकम के विदेशी लेनदेन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभाग का आरोप है कि करीब 40 फर्मों, कंपनियों और ट्रस्टों के नाम पर विदेश में रकम भेजी गई। इनमें से कुछ को संदिग्ध या फर्जी बताया गया है।
अब बैंक खातों और विदेशी लेनदेन की जांच
पुलिस अब मामले में बैंक खातों, विदेशी लेनदेन के रिकॉर्ड, फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट और संबंधित कंपनियों के दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि विदेश में रकम भेजने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और क्या इसमें किसी बिचौलिए या अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी।
जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल कथित तौर पर गलत तरीके से सर्टिफिकेट जारी करने तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा वित्तीय नेटवर्क भी काम कर रहा था।

