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हाईकोर्ट में सरकार ने कहा एसआई भर्ती रद्द करना पुरी तरह गलत, फुटेज में जानें ईडी चार्जशीट को लेकर भी बहस तेज

हाईकोर्ट में सरकार ने कहा एसआई भर्ती रद्द करना पुरी तरह गलत, फुटेज में जानें ईडी चार्जशीट को लेकर भी बहस तेज

राजस्थान सब इंस्पेक्टर भर्ती–2021 को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने एकलपीठ के फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अदालत में दलील दी कि एकलपीठ में दायर याचिका प्रारंभ से ही मेंटेनेबल नहीं थी, इसके बावजूद एकलपीठ ने इस पहलू को नजरअंदाज करते हुए मामले की मेरिट पर सुनवाई की और पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला सुना दिया।

महाधिवक्ता ने कहा कि जब याचिका सुनवाई योग्य ही नहीं थी, तो एकलपीठ को भर्ती रद्द करने जैसे बड़े निर्णय पर नहीं पहुंचना चाहिए था। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि एकलपीठ ने अपने आदेश में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्यों को लेकर जो टिप्पणियां की हैं, वे भी कानूनी रूप से उचित नहीं हैं। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अपीलें दायर की हैं, जिन पर वर्तमान में हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

इधर, एकलपीठ में भर्ती रद्द कराने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से भी खंडपीठ के समक्ष प्रार्थना पत्र दायर किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर की गई चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया जाए। उनका कहना है कि इस चार्जशीट में SI भर्ती–2021 से जुड़े गंभीर खुलासे किए गए हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि ग्रेड सेकेंड टीचर भर्ती–2022 के मामले में ईडी द्वारा जो चार्जशीट पेश की गई है, उसमें पेपर लीक और RPSC सदस्यों की कार्यशैली को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उनका कहना है कि इन तथ्यों का सीधा संबंध SI भर्ती–2021 से भी जुड़ता है, क्योंकि दोनों ही भर्तियों में समान पैटर्न और समान आरोप सामने आए हैं।

इसी आधार पर एकलपीठ के याचिकाकर्ताओं ने खंडपीठ से मांग की है कि वह ईडी को निर्देश दे कि वे SI भर्ती–2021 से संबंधित दायर चार्जशीट को भी हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेने से यह स्पष्ट होगा कि भर्ती प्रक्रिया किस हद तक प्रभावित हुई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

हाईकोर्ट की खंडपीठ फिलहाल SI भर्ती रद्द करने और RPSC सदस्यों के खिलाफ की गई एकलपीठ की टिप्पणियों के खिलाफ दायर सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई कर रही है। इस मामले पर अदालत का फैसला हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। अगली सुनवाई में इस प्रकरण से जुड़े कई और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से बहस होने की संभावना है।

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