गहलोत के बयान पर गजेंद्र सिंह शेखावत का पलटवार, वीडियो में बोले- ‘राजस्थान की पेयजल समस्या के लिए पूर्व सरकार जिम्मेदार’
राजस्थान की राजनीति में पेयजल संकट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जोधपुर में पानी की समस्या को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तीखा पलटवार किया है। शेखावत ने कहा कि राजस्थान में पेयजल व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिए पूर्ववर्ती सरकार और उसकी नीतियां जिम्मेदार हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अशोक गहलोत की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की जनता को वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि जोधपुर सहित राजस्थान के कई हिस्सों में पेयजल संकट की स्थिति पूर्व सरकार के कार्यकाल में बनी और उसका असर आज भी देखने को मिल रहा है।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “जोधपुर और पूरे राजस्थान में पेयजल की इस दुर्दशा के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वे केवल अशोक गहलोत हैं। उनकी सरकार ने जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।”उन्होंने आगे कहा कि जोधपुर के विकास को प्रभावित करने में भी पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका रही है। शेखावत ने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं को गति देने के बजाय उन्हें रोकने और राजनीतिक विवादों में उलझाने का काम किया गया। उनके अनुसार, इससे क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने ही दल के नेताओं और विधायकों को परेशान करते रहे हैं। शेखावत ने कहा, “वे खुद षड्यंत्र रचते हैं, अपने ही विधायकों को परेशान करते हैं, उनकी फोन टैपिंग करवाते हैं और फिर आरोप दूसरों पर मढ़ते हैं। उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।”शेखावत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। हाल के दिनों में पानी की उपलब्धता और जल प्रबंधन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की सरकारों को प्रदेश में पेयजल संकट और विकास संबंधी चुनौतियों के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान में गर्मी के मौसम के दौरान कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। ऐसे में इस विषय पर राजनीतिक बयान भी चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। जल संकट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी यह सियासी जंग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से केंद्रीय मंत्री के ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हैं और दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग चर्चा का विषय बनी हुई है।

