जयपुर में सेठी कॉम्पलेक्स की आग ने दिवाली की खुशियां छीनीं, वीडियो में जाने आंखों के सामने जलता रहा लाखों का माल
जयपुर के बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में गुरुवार सुबह लगी भीषण आग ने कई व्यापारियों की दिवाली की तैयारियों को राख कर दिया। दिवाली के सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद में व्यापारियों ने लाखों रुपये का सामान दुकानों और गोदामों में जमा कर रखा था। लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी मेहनत और उम्मीदों पर आग ने पानी फेर दिया। व्यापारियों की आंखों के सामने उनका लाखों रुपये का माल आग की लपटों में जलता रहा। आग लगने के बाद कॉम्पलेक्स में अफरा-तफरी मच गई। कई व्यापारी अपने सामान को बचाने की कोशिश करते नजर आए। माल जलता देख एक व्यापारी भावुक होकर रो पड़ा, जबकि एक अन्य व्यापारी की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में अपनी दुकानों और वर्षों की मेहनत के नुकसान को लेकर गहरा सदमा दिखाई दिया।
चूड़ियों के गोदाम से शुरू हुई आग
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 7 बजे मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स की दूसरी मंजिल पर आग लगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चूड़ियों के एक गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई।शुरुआत में आग एक हिस्से तक सीमित थी, लेकिन कॉम्पलेक्स में मौजूद ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते करीब 25 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं।
कपड़े, प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सामान जला
आग की चपेट में आने वाली दुकानों और गोदामों में अलग-अलग तरह का सामान रखा हुआ था। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम और चूड़ियों की दुकानें शामिल थीं।दिवाली के सीजन को देखते हुए कई व्यापारियों ने पहले से बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा कर रखा था। ऐसे में आग से हुए नुकसान का असर उनके कारोबार पर लंबे समय तक पड़ने की आशंका है। व्यापारियों के मुताबिक, त्योहार के सीजन में बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन आग ने उनकी तैयारियों को बर्बाद कर दिया।
करीब 7 घंटे तक आग बुझाने की कोशिश
आग इतनी भीषण थी कि इसे काबू करने में कई घंटे लग गए। दमकल की टीमों ने लगातार मशक्कत के बाद करीब सात घंटे में आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझने के बाद भी कॉम्पलेक्स से शाम तक धुआं उठता रहा।रेस्क्यू और राहत कार्य के दौरान पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। संकरी जगह और भीतर जमा सामान के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें सामने आईं।फिलहाल इस हादसे ने व्यापारियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। जिन कारोबारियों ने दिवाली के लिए लाखों रुपये का माल जुटाया था, उनकी आंखों के सामने वह सामान जलकर खाक हो गया। अब प्रभावित व्यापारी नुकसान के आकलन और आगे की मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

