जयपुर में नकली दूध रैकेट का भंडाफोड़ — बाजार का दूध पीने से पहले हो जाएं सावधान
जयपुर (राजस्थान) में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़े नकली दूध बनाने वाले कथित दूध कलेक्शन सेंटर का पर्दाफाश किया है, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी और सिंथेटिक दूध जब्त कर उसे नष्ट कर दिया गया है।
स्कैम का खुलासा: कैसे बन रहा था नकली दूध?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि बानसूर क्षेत्र के ग्राम बाबरिया (हरसोरा) में एक डेयरी कलेक्शन सेंटर के नाम पर एक मिलावटखोर यूनिट चल रहा है, जहाँ एक नामी ब्रांड की प्रतीत होने वाली डेयरी की आड़ में दूध में रिफाइंड तेल, लैक्टोज पाउडर और इमल्सीफायर मिलाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा था।
टीम ने देर रात तलाशी अभियान कर 200 लीटर पहले से तैयार मिलावटी दूध जब्त किया और उसे तुरंत नष्ट करा दिया। इसके अलावा लगभग 500 लीटर संग्रहित दूध को भी जांच के लिए अलग रखा गया है, जिसका परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मिलावटी दूध बनाने के उपकरण और सामग्री बरामद
जांच में कई मिलावट संबंधी उपकरण और सामग्री भी बरामद की गई, जिनमें शामिल हैं:
-
मिक्सर और मशीनें
-
रिफाइंड तेल (ब्रांडेड दिखने वाली बोतलें)
-
लैक्टोज पाउडर के बोरे
-
इमल्सीफायर कैन और गैस चूल्हे
-
क्रीम निकालने की मशीन
इन सभी सामग्री के आधार पर पता चला कि यह केंद्र असली दूध तैयार करने के बजाय कमीशन दूध और सिंथेटिक दूध तैयार कर रहा था।
किसने चलाया यह केंद्र?
यह केंद्र जगराम यादव द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसने बताया कि वह 2008 से दूध कलेक्शन का काम कर रहा है। विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद डेयरी सुपरवाइजर से संपर्क कर सेंटर का कोड नंबर 724 बंद करवाया और दूध के नमूने लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और अपील
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा ने बताया कि जब्त मिलावटी दूध, रिफाइंड तेल, लैक्टोज पाउडर और इमल्सीफायर को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है। अब लैब रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा टीम के कई अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई और इस अभियान को सफल बनाया। विभाग ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के संदिग्ध संकेत दिखाई दें, तो वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
नकली दूध का खतरा — सिर्फ जयपुर नहीं, देशभर में चिंता का विषय
बाजार में मिलावटी दूध का निर्माण और उसका वितरण देशभर के कई हिस्सों में चिंता का विषय बन चुका है। कई मामलों में मिलावटी दूध की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हुई हैं। ऐसी गलत गतिविधियों को रोकने के लिए खाने‑पीने वाली वस्तुओं की नियमित जांच और जांच तंत्रों का सख़्त होना जरूरी है।
देश के अन्य हिस्सों में भी मिलावटी दूध से जुड़े मामले समय‑समय पर सामने आए हैं, जिनमें अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही स्थिति में सुधार दिखा है। ऐसे मामलों को जल्द पकड़ना और जनता को जागरूक करना बेहद आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके।

