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जयपुर में फर्जी कॉल से हड़कंप, युवक ने गर्लफ्रेंड हत्या का किया झूठा दावा, आरोपी गिरफ्तार

जयपुर में फर्जी कॉल से हड़कंप, युवक ने गर्लफ्रेंड हत्या का किया झूठा दावा, आरोपी गिरफ्तार

शहर के पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) में बुधवार को एक फर्जी कॉल ने हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले युवक ने दावा किया कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी है। इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में किसी भी प्रकार की आपदा या घटना नहीं पाई गई। तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कॉल पूरी तरह से फर्जी था।

पुलिस ने बताया कि कॉल के तुरंत बाद टीमों को आरोपी की पहचान करने और घटना स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की खोज शुरू की। जांच में पाया गया कि कॉल करने वाला युवक, रंजीत सिंह हरदोई, जानबूझकर पुलिस को भ्रमित कर रहा था।

वहीं, पुलिस ने बताया कि रंजीत सिंह हरदोई को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने किसी कारणवश झूठा दावा किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा और फर्जी कॉल देने के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी ने चेतावनी दी कि इस तरह की फर्जी कॉल केवल प्रशासन और नागरिकों का समय बर्बाद नहीं करती, बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का कृत्य करने से पहले सोचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल और टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के साथ फर्जी कॉल की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों और युवाओं को इस बारे में जागरूक करने की जरूरत है कि इस तरह के झूठे दावे गंभीर अपराध माने जाते हैं और इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

सामाजिक दृष्टि से इस घटना ने यह दिखा दिया कि झूठी सूचनाओं और अफवाहों का असर न केवल पुलिस प्रशासन पर पड़ता है, बल्कि आम जनता में भी डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। जयपुर पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या घटना की सूचना सीधे पुलिस को दें और झूठी जानकारी फैलाने से बचें।

पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी रंजीत सिंह हरदोई को फिलहाल हिरासत में रखा गया है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने सुनिश्चित किया है कि कॉल और तकनीकी जांच के दौरान किसी भी प्रक्रिया में कोई लापरवाही न हो।

जयपुर में इस तरह की फर्जी कॉल ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन को सतर्क रहना होगा और आपातकालीन सेवाओं के संचालन को और प्रभावी बनाना होगा। पुलिस और नागरिकों की सतर्कता ही इस तरह की घटनाओं को रोकने का मुख्य उपाय है।

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