‘चुनाव आयोग अब मोदी सरकार का विभाग बन गया’, अशोक गहलोत का बड़ा हमला, वीडियो में बोले- जजों को फोन कर धमकाते हैं BJP नेता
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और चुनाव आयोग समेत कई संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि चुनाव आयोग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार का विभाग बनकर रह गया है।
गहलोत ने अपने बयान में न्यायपालिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता जजों को फोन करके धमकाते हैं और न्यायपालिका पर दबाव बनाया जा रहा है। गहलोत ने कहा, “हमने अपनी जिंदगी में कभी किसी मुकदमे के लिए किसी जज को फोन नहीं किया। पहले जज बनाने में मुख्यमंत्री की भूमिका होती थी, हमने भी कई लोगों की मदद की, लेकिन कभी किसी जज को फोन करके दबाव नहीं बनाया। अब तो जजों के पास फोन जाते हैं और उन्हें धमकाया जाता है।”
पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। गहलोत ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता खतरे में है और विपक्ष को कमजोर करने की लगातार कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास अथाह पैसा है, जबकि कांग्रेस के बैंक खाते तक बंद कर दिए गए।
गहलोत ने कहा, “हमारी पार्टी के खाते बंद कर दिए गए, ताकि चुनाव के समय हमें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके। दूसरी तरफ बीजेपी के पास इतना पैसा है कि वह पूरे सिस्टम पर प्रभाव डाल रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव और स्वतंत्र न्यायपालिका बेहद जरूरी हैं, लेकिन मौजूदा समय में इन संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गहलोत ने दावा किया कि देश के कई लोग अंदर ही अंदर इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं, लेकिन खुलकर बोलने से डरते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों के बीच विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल पहले भी ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के दुरुपयोग के आरोप लगाते रहे हैं।
हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस के इन आरोपों को हमेशा राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और विपक्ष जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
अशोक गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान सहित देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। खासतौर पर न्यायपालिका और चुनाव आयोग को लेकर दिए गए उनके बयान पर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।
फिलहाल बीजेपी की ओर से गहलोत के आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा केंद्र बन सकता है।

