ईडी की बड़ी कार्रवाई, वीडियो में देखें एजुकेशनल ट्रस्ट और प्रमोटर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान में संचालित एक एजुकेशनल ट्रस्ट और उसके प्रमोटर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े गंभीर आरोपों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की है। मामला कट्टरपंथी गतिविधियों, अवैध धर्मांतरण, हवाला कारोबार और हथियार तस्करी जैसे संगीन आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है।
ईडी सूत्रों के अनुसार, अलफुरकान एजुकेशन ट्रस्ट (एईटी), उसके प्रमोटर मोहम्मद सादिक और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ 30 जनवरी को जयपुर स्थित पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट में अभियोजन शिकायत यानी चार्जशीट दाखिल की गई। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के जरिए जुटाई गई धनराशि का व्यवस्थित तरीके से दुरुपयोग किया गया।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि मोहम्मद सादिक ट्रस्ट पर वास्तविक नियंत्रण रखता था और ट्रस्ट की गतिविधियों का संचालन उसी के निर्देश पर होता था। बताया गया है कि यह ट्रस्ट बीकानेर स्थित मस्जिद-ए-आयशा का प्रबंधन भी करता था। धार्मिक, सामाजिक और मानवीय कार्यों के नाम पर देश-विदेश से डोनेशन एकत्र किए जाते थे।
ईडी की जांच में सामने आया है कि इन डोनेशन की रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर घोषित उद्देश्यों के बजाय अन्य संदिग्ध गतिविधियों में किया गया। एजेंसी का आरोप है कि फंड्स को हवाला नेटवर्क के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर किया गया और कुछ रकम अवैध कार्यों में लगाई गई। इसमें कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने, अवैध धर्मांतरण और हथियार तस्करी से जुड़े नेटवर्क को आर्थिक सहायता देने के संकेत भी मिले हैं।
जांच एजेंसी ने वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, संपत्तियों और संदिग्ध ट्रांजैक्शंस की विस्तृत पड़ताल की है। कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जब्त कर कोर्ट में पेश किया गया है। ईडी का कहना है कि मनी ट्रेल से स्पष्ट होता है कि ट्रस्ट के माध्यम से बड़ी रकम का हेरफेर किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में आगे भी पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है। एजेंसी अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला राज्य में गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साबित होगा। फिलहाल पीएमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। ईडी की इस कार्रवाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और संबंधित गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

