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Drink&Drive : राजधानी जयपुर में यमदूत बनकर दौड़ रही गाड़ियाँ! हादसों की बढती संख्या ने ट्रैफिक व्यवस्था पर खड़े किये सैंकड़ों सवाल 

राजधानी जयपुर में यमदूत बनकर दौड़ रही गाड़ियाँ! हादसों की बढती संख्या ने ट्रैफिक व्यवस्था पर खड़े किये सैंकड़ों सवाल 

राजधानी जयपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही का खतरनाक खेल जानलेवा बनता जा रहा है। खासकर रात के समय शराब पीकर वाहन चलाने वालों का दुस्साहस लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। हाल ही में हुए कई हिट एंड रन मामलों ने न सिर्फ चार लोगों की जान ले ली, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। ज्यादातर घटनाएं रात 10 बजे के बाद हुईं, जब सड़कों पर ट्रैफिक कम होता है और शराब पीकर वाहन चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। इनमें से कई घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई।

चार महीने में 700 ड्रिंक एंड ड्राइव चालान
पुलिस ने महज चार महीने में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ करीब 700 ड्रिंक एंड ड्राइव चालान काटे, जबकि पिछले साल पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने पर 1400 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस ने तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ चार महीने में 74 हजार लोगों के चालान काटे। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 85 हजार 943 था। पुलिस तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बाद भी असर नहीं दिख रहा है।

जयपुर के नाहरगढ़ रोड पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला
केस: 1 7 अप्रैल को नाहरगढ़ में तेज रफ्तार कार चला रहे युवक ने बाइक सवारों और पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी। हादसे में वीरेंद्र सिंह, उनकी बहन ममता कंवर और नाहरगढ़ निवासी अवधेश पारीक की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया।

केस: 2 दूसरा मामला मंगलवार को सामने आया। सांगानेरी गेट के पास तेज रफ्तार कार चला रही युवती ने बाइक सवार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में युवती आशिमा की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और छोटी बेटी घायल हो गए। यह घटना भी देर रात हुई।

इनका कहना है...
शराब पीकर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि गति पर नियंत्रण रखा जा सके।

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