NEET पेपर लीक पर डोटासरा का केंद्र सरकार पर हमला, वीडियो में बोले- NTA अब ‘नो ट्रस्ट एजेंसी’ बन चुकी है
Govind Singh Dotasra ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है और युवाओं का इस संस्था से भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि उन लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया गया, जिनके कार्यकाल में देश के सबसे बड़े और शर्मनाक परीक्षा घोटालों में से एक व्यापमं घोटाला हुआ था। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि आज देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “सच्चाई यह है कि पेपर लीक अब केंद्र और भाजपा शासित व्यवस्थाओं में एक धंधा बन चुका है।” उन्होंने NTA पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अब “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी” नहीं, बल्कि “नो ट्रस्ट एजेंसी” बन चुकी है। डोटासरा के अनुसार, करोड़ों छात्र और उनके परिवार इस संस्था की निष्पक्षता पर भरोसा खो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। लाखों छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से पूरी परीक्षा प्रक्रिया संदिग्ध हो जाती है। डोटासरा ने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं यह साबित करती हैं कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है।
हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है, क्योंकि इसका सीधा असर देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों पर पड़ता है। शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर जनता के बीच चिंता लगातार बढ़ रही है।

