जयपुर ऑडी हादसे में 16 लोगों को रौंदने वाला मुख्य आरोपी दिनेश रणवा भाग गया था हरिद्वार, वीडियो में जानें फरारी की कहानी आई सामने
जयपुर में ऑडी कार से 16 लोगों को रौंदने वाले सनसनीखेज हादसे के मुख्य आरोपी और ड्राइवर दिनेश रणवा (32) को पुलिस ने रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने रिंग रोड क्षेत्र में चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान दबोच लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद से ही आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रिंग रोड के आसपास छिपा हुआ है, जिसके बाद सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश रणवा ने अपनी फरारी की पूरी कहानी बताई। आरोपी ने बताया कि घटना के अगले दिन वह गोनेर इलाके से पैदल ही भाग निकला था। वह जानबूझकर रिंग रोड के किनारे-किनारे पैदल चलता रहा ताकि सीसीटीवी कैमरों की पकड़ में न आ सके। लगभग 7 से 8 घंटे लगातार पैदल चलने के बाद वह एक जंगल में पहुंचा, जहां थकान के कारण झाड़ियों में छिपकर रुक गया।
दिनेश ने बताया कि जंगल के आसपास भेड़ चराने वाले लोगों से उसने खाना मांगकर खाया और रात उन्हीं के पास सो गया। इसके बाद उसने एक ट्रक ड्राइवर से लिफ्ट ली और हरियाणा के करनाल पहुंच गया। करनाल से वह हरिद्वार चला गया, जहां कुछ दिन छिपकर रहा। हालांकि, उसके पास मौजूद पैसे धीरे-धीरे खत्म हो गए, जिसके चलते वह वापस जयपुर लौटने के लिए मजबूर हो गया।
पैसे खत्म होने के बाद आरोपी फिर से जयपुर के पास रिंग रोड इलाके में आ गया और यहां इधर-उधर छिपकर रहने लगा। इसी दौरान पुलिस की नजर उस पर पड़ी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके।
गौरतलब है कि जयपुर में हुए इस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। ऑडी कार की तेज रफ्तार और लापरवाही से 16 लोग इसकी चपेट में आ गए थे, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद से ही आमजन में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।

