डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की सख्त चेतावनी, वीडियो में देंखे अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, थानों के नियमित निरीक्षण के निर्देश
राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के सभी रेंज के आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) जुड़े।
यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम साढ़े 6 बजे तक चली। इस दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और गंभीर अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना था।
बैठक के दौरान डीजीपी ने परंपरागत अपराधों के साथ-साथ तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित महसूस कराया जा सके और अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके।
इसके साथ ही डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कई जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) द्वारा थानों का औचक निरीक्षण न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी SP अपने-अपने जिलों में स्थित थानों का नियमित रूप से निरीक्षण करें और पुलिस व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
डीजीपी ने यह भी कहा कि केवल निर्देश जारी करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि हर मामले की जांच निष्पक्ष, समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से की जानी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और न्याय प्रक्रिया मजबूत हो।
पुलिस मुख्यालय में हुई इस समीक्षा बैठक को प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने की दिशा में ए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बैठकों और सख्त निर्देशों से पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और अपराध नियंत्रण में भी सुधार देखने को मिलेगा। फिलहाल, डीजीपी के इन सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि पुलिस प्रशासन और अधिक सक्रिय होकर काम करेगा और प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

