राजस्थान में 10 शहरों के बाइपास प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के बजाय आवंटन का निर्णय
राजस्थान सरकार ने राज्य के दस शहरों में प्रस्तावित बाइपास निर्माण को लेकर अहम निर्णय लिया है। सरकार ने तय किया है कि इन बाइपास प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण करने के बजाय प्रभावित भूमि मालिकों को वैकल्पिक भूमि का आवंटन किया जाएगा।
इस फैसले का उद्देश्य भूमि मालिकों के हितों की रक्षा करना और परियोजनाओं को बिना विवाद के तेजी से आगे बढ़ाना है। सरकार के अधिकारी बताते हैं कि जमीन अधिग्रहण अक्सर लंबी कानूनी प्रक्रियाओं और स्थानीय विरोध का कारण बनता है, जिससे बाइपास निर्माण में देरी होती है। अब भूमि आवंटन की प्रक्रिया से यह समस्या कम होने की उम्मीद है।
राज्य के दस शहरों में प्रस्तावित बाइपास निर्माण से शहरों के ट्रैफिक दबाव को कम करने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बाइपास निर्माण से न केवल वाहनों की आवाजाही में सुधार होगा बल्कि शहरों के भीतर भारी ट्रैफिक और प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि आवंटन का यह निर्णय परियोजना को समय पर पूरा करने में सहायक होगा और प्रभावित परिवारों को उचित विकल्प भी मिलेगा। सरकार का यह कदम स्थानीय हितों और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब यह देखना होगा कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और प्रस्तावित बाइपास प्रोजेक्ट कितनी जल्दी धरातल पर नजर आने लगते हैं। राजस्थान के बजट इतिहास में 2 असाधारण उदाहरण जिन्हें जानकर आप चौंक जाएंगे। दो बार ऐसा हुआ कि जब राजस्थान का बजट राज्य विधानसभा में नहीं, बल्कि संसद में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया।

